भोपाल : मध्य प्रदेश के रायसेन जिले की रहने वाली अंजना यादव ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। एक साधारण ग्रामीण परिवार से निकलकर एवरेस्ट की चोटी तक पहुंचने वाली अंजना की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि रायसेन जिले के ग्राम सेमरी की बेटी अंजना यादव ने माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि अंजना का साहस, समर्पण और दृढ़ संकल्प प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
रायसेन जिले के सांची विकासखंड अंतर्गत ग्राम सेमरी निवासी अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही अंजना यादव ने 27 मई को सुबह 5:24 बजे समुद्र तल से 8,848.86 मीटर ऊंची माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचकर तिरंगा फहराया। उनकी इस सफलता को वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम माना जा रहा है।
एवरेस्ट अभियान के दौरान अंजना ने एक विशेष संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक पर्वतारोहण अभियान नहीं, बल्कि देश के वीर शहीदों के प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नए भारत की ऊर्जा और संकल्प अब दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों तक पहुंच चुका है।
अंजना यादव इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण पर्वतारोहण अभियानों में सफलता हासिल कर चुकी हैं। उन्होंने हाल ही में 6,119 मीटर ऊंची लाबुचे पीक पर पहुंचकर भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को समर्पित एक विशेष संदेश दिया था। इसके साथ ही उन्होंने ‘फिट इंडिया, हिट इंडिया’ और ‘मां के नाम एक पेड़’ जैसे जन-जागरूकता अभियानों का भी प्रचार-प्रसार किया।
पर्वतारोहण के क्षेत्र में अंजना का रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। वह अब तक दो दर्जन से अधिक प्रमुख चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर चुकी हैं। इसके अलावा वह कई खेलों में राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी भी रह चुकी हैं और विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
एवरेस्ट विजय के बाद अंजना यादव एक जून को भारत लौटेंगी। उनकी इस उपलब्धि को लेकर मध्य प्रदेश में उत्साह का माहौल है और उनके स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। अंजना की सफलता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि दृढ़ निश्चय और निरंतर प्रयास के बल पर किसी भी ऊंचाई को हासिल किया जा सकता है।
