सदन में सच छिपाया गया या गलती हुई? ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों को लेकर बड़ा विवाद

नई दिल्ली। कर्नल रोहित चौधरी ने यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में किसी भी सैनिक की क्षति नहीं हुई, जबकि बाद में सरकार ने शहीदों के नाम सार्वजनिक किए। शहीदों के नाम सामने आने में 13 महीने की देरी हुई, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने रक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार और सत्ता पक्ष के सांसदों को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ऑपरेशन के दौरान सेना को खुली छूट नहीं दी और विदेश नीति कमजोर रही, जिससे पाकिस्तान को वैश्विक संस्थानों से लोन मिला और आतंकी संगठनों पर नजर रखने की जिम्मेदारी उसी को सौंप दी गई। उन्होंने अग्निवीर योजना को भी समाप्त करने की भी मांग की। केंद्र सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह सैनिकों के नाम ‘नेशनल वॉर मेमोरियल’ के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में शामिल किए हैं। अब ये नाम स्मारक की मुख्य दीवार ‘त्याग चक्र’ पर स्थायी रूप से अंकित रहेंगे। बीते 26 जून को नई दिल्ली स्थित मेमोरियल की दीवार पर इन छह सैनिकों के नाम दर्ज किए गए, जो 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ड्यूटी निभाते हुए शहीद हुए थे। कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए छह सैनिकों के नाम 13 महीने बाद सार्वजनिक किए जाने पर सरकार और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधा है। कांग्रेस के एक्स‑सर्विसमैन विभाग के अध्यक्ष कर्नल रोहित चौधरी (रि.) ने आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री ने सदन में गलत जानकारी दी और शहीदों की अनदेखी की है।

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